प्रेस रिलीज़: सीड ने राज्य सरकार से ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ लागू करने की अपील की

सीड ने राज्य सरकार से ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ लागू करने की अपील की

बीते चालीस दिनों में बढ़ते वायु प्रदूषण से पटना में एयर क़्वालिटी हुई और ख़राब

पटना, 15  दिसंबर 2020: जाड़े के मौसम के रफ़्तार पकड़ने के साथ पटना शहर में लगातार गंभीर वायु प्रदूषण चिंता का विषय बन गया है। हालाँकि प्रदूषण नियंत्रण के तात्कालिक उपाय के रूप में बनाए गए ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ का राज्य सरकार द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा पटना में पिछले 40 दिनों (गत 1 नवम्बर से 10 दिसंबर) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से ऊपर पहुंच गया है, जिसे कोविड-19 महामारी के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए बेहद चिंताजनक माना जा सकता है। विश्लेषण के अनुसार पटना में अधिकतर दिन वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही है और ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने की जरूरत थी। पिछले 40 दिनों में शहर में वायु गुणवत्ता एक भी दिन ‘बेहतर या संतोषजनक’ नहीं रही और इस अवधि में 67.5% दिन यह ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी की थी। 2.5% दिन तो ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी के रहे और 30% दिनों में यह ‘मॉडरेट’ श्रेणी की आंकी गयी। एयर क्वालिटी के आंकड़े पटना में छह अलग-अलग स्थानों- तारामंडल परिसर (आईजीएससी प्लेनेटेरियम), शेखपुरा, राजवंशी नगर, मुरादपुर, सम्पूरा और दानापुर में लगे एयर क्वालिटी मॉनिटर से लिए गए थे।

वायु प्रदूषण में अचानक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय स्तर पर ‘क्लीन एयर एक्शन प्लान’ के तहत ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान को अधिसूचित किया गया था। यह एक तात्कालिक और इमरजेंसी एक्शन प्लान है, जिसके तहत प्रदूषण के स्तर और स्रोत के अनुसार कदम उठाए जाते हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अनुरूप यहां भी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान बनाया गया है।

वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति पर अंकिता ज्योति, सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर, सीड ने कहा कि “दिसंबर के पहले सप्ताह में एक दिन वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब थी। ऐसे में इमरजेंसी रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत सभी निर्माण गतिविधियों, प्रदूषण फैला रहे उद्योगों और ईंट-भट्टों को बंद कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। चूँकि एक नवंबर से दस दिसंबर के बीच 10 दिनों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत ही खराब’ श्रेणी में थी, ऐसी स्थिति में पटना में ट्रकों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़ कर) की आवाजाही, डीजल जेनरेटर सेट के उपयोग और होटलों /भोजनालयों में खुले में कोयला जलाने पर प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाना चाहिए था, पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका।” उन्होंने आगे कहा कि “दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता के खराब होने पर निर्माण गतिविधियों, हॉट मिक्स प्लांट और प्रदूषण फैला रहे सभी ईंधन आधारित उद्योगों पर तात्कालिक प्रतिबंध लगे थे। इन सबके अलावा आम जनता को वायु प्रदूषण से सचेत करने के लिए हेल्थ एडवाइजरी भी दिल्ली सरकार की ओर से जारी की गयी थी।

सीड के अध्ययन के अनुसार पटना में औसतन 24 घंटे की उच्च PM2.5 की सघनता तारामंडल परिसर (आईजीएससी प्लेनेटेरियम) में 4 दिसंबर को 391.4 μg / m3 के रूप में दर्ज की गई थी, जो राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक द्वारा निर्धारित 60 μg /m3 की सीमा से 6.5 गुना अधिक थी। इसका स्वास्थ्य पर उतना ही बुरा प्रभाव पड़ता है, जितना कि प्रतिदिन 18 सिगरेट पीने से होता है। पटना में जिन जगहों पर वायु गुणवत्ता की निगरानी हो रही है, वहां सभी स्थानों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब देखी गयी है। आईजीएससी में कुल दिनों के 98% में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब देखी गई, जो कि ‘खराब से गंभीर’ श्रेणी में थी। वहीं, शेखपुरा में कुल दिनों का 82%, राजवंशी नगर में 78%, मुरादपुर में 71%, सम्पूरा में 55% और दानापुर में 46% कुल दिनों में ऐसे रहे, जब हवा की गुणवत्ता ख़राब से गंभीर श्रेणी में रही।

सर्दियों के मौसम में पटना में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो चुकी है। वैसे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता, लेकिन ठोस कदम उठाने से वायु प्रदूषण के संकट से राहत जरूर मिल सकती है। क्लीन एयर एक्शन प्लान को लागू करने के लिए निगरानी और रिपोर्टिंग बेहद महत्वपूर्ण है और हेल्थ एडवाइजरी भी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में कारगर हो सकती है।

‘सीड’ बिहार सरकार को क्लीन एयर एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में हर तरह के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सीड’ राज्य सरकार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को अविलम्ब लागू करने और हेल्थ एडवाइजरी जारी करने की अपील करता है, ताकि शहर की आबोहवा स्वच्छ और सेहतमंद हो।

संपादक के ध्यानार्थ

पटना एयर पॉल्यूशन बुलेटिन का वेब लिंक: http://ceedindia.org/air-pollution-in-patna-magnitude-effects/

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